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धर्मशाला में विजिलेंस के सामने पेश हुए विधायक सुधीर शर्मा, काली पट्टियां लगाकर पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता

➤ विधायक सुधीर शर्मा 11:50 बजे धर्मशाला विजिलेंस कार्यालय पहुंचे, जांच में सहयोग का दिया भरोसा

➤ पेशी से पहले हनुमान मंदिर में नवाया शीश, बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने काली पट्टियां लगाकर जताई मौजूदगी

➤ आय-व्यय, जमीन बिक्री और रक्कड़ भवन से जुड़े दस्तावेज जांच अधिकारी ने मांगे हैं


धर्मशाला। पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक सुधीर शर्मा मंगलवार को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो धर्मशाला के समक्ष पेश हुए। वह करीब 11:50 बजे विजिलेंस कार्यालय पहुंचे और जांच अधिकारी के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

विजिलेंस कार्यालय पहुंचने से पहले सुधीर शर्मा ने हनुमान मंदिर में शीश नवाया। इस दौरान मंदिर में हवन यज्ञ का आयोजन भी किया गया। इसके बाद वह विजिलेंस थाना की ओर रवाना हुए।

विजिलेंस कार्यालय जाने से पहले मीडिया से बातचीत में सुधीर शर्मा ने कहा कि जांच एजेंसी ने उनसे जिन तथ्यों और दस्तावेजों की मांग की है, वह उससे कहीं अधिक तथ्य लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि वह विजिलेंस जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

सुधीर शर्मा ने अपनी पेशी के दौरान धर्मशाला में बड़ी संख्या में पहुंचे समर्थकों और कार्यकर्ताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मौजूदगी उनके प्रति लोगों के प्यार को दर्शाती है।

इस दौरान विधायक ने मुख्यमंत्री पर राजनीतिक निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के गुट को लगातार टारगेट कर रहे हैं। यह आरोप विधायक की ओर से लगाया गया है।

विजिलेंस कार्यालय के बाहर सुरक्षा कड़ी

सुधीर शर्मा की पेशी को देखते हुए विजिलेंस थाना धर्मशाला के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। थाना क्षेत्र के आसपास चार अलग-अलग स्थानों पर पुलिस बैरिकेड्स लगाए गए थे। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी।

विजिलेंस थाना के बाहर भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कई कार्यकर्ता काली पट्टियां लगाकर पहुंचे। कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के चलते थाना परिसर के आसपास माहौल काफी संवेदनशील रहा।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में जांच

विजिलेंस की ओर से सुधीर शर्मा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया था। उन्हें 13 अगस्त को ब्यूरो कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया था। विधायक के कार्यालय की ओर से उस समय बताया गया था कि वह शहर से बाहर हैं और 18 अगस्त को पहुंचेंगे।

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के धर्मशाला थाने में 29 जुलाई 2026 को प्राथमिकी संख्या 0006/2026 दर्ज की गई थी। प्राथमिकी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

आय और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मांगे

जांच अधिकारी ने विधायक से आयकर रिटर्न में दर्शाई गई 70,84,858 रुपये की राशि के स्रोत से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। इसके अलावा जमीन की बिक्री से प्राप्त 74,07,000 रुपये से जुड़े मूल दस्तावेज, बिक्री विलेख, बैंक लेनदेन और धन हस्तांतरण का विवरण भी मांगा गया है।

जांच के तहत रक्कड़ में निर्माणाधीन बहुमंजिला आवासीय भवन से संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए हैं। इनमें निर्माण से जुड़े बिल, वाउचर, निर्माण खाते, भुगतान रिकॉर्ड और नक्शे शामिल हैं।

इसके साथ ही निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों के नाम, पते और संपर्क विवरण सहित अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाने को कहा गया है।

फिलहाल यह मामला जांच के स्तर पर है। विजिलेंस की ओर से मांगे गए दस्तावेजों और विधायक के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी।